प्राथमिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा हमारे जीवन में उस बुनियाद की तरह कार्य करते हैं
[7/26, 19:28] मनी चौहान जी शिवरीनारायण
1--प्राथमिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा हमारे जीवन में उस बुनियाद की तरह कार्य करते हैं जैसे कि मकान बनाते समय उसमें बुनियाद भरी जाती है जिस प्रकार मकान बनाते समय बुनियाद का मजबूत होना जरूरी है उसी प्रकार किसी विद्यार्थी में यदि उचित शिक्षा डालनी है तो उसके प्राथमिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा में सुधार लाना उनको सही शिक्षा प्राप्त हो सके इस दिशा में कार्य करना बहुत ही जरूरी है क्योंकि यदि बुनियाद मजबूत रहेगा तो पूरा मकान मजबूत होगा!
2--जहां तक उच्च शिक्षा एवं उच्चतर शिक्षा की बात है इन सभी में शिक्षा का जो क्षेत्र है वह भिन्न भिन्न हो जाता है शिक्षा के विभिन्न संकाय बन जाते हैं इनमें विद्यार्थी अपने व्यवसायिक एवं अपने रोजगार के लिए ऐसी शिक्षा का चयन करता है जिससे उसको व्यवसाय मिल सके या फिर अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का ज्ञान प्राप्त कर सके!
[7/26, 19:34] मनी चौहान जी शिवरीनारायण:
मेरा मानना यह भी है कि यदि विद्यार्थी अपनी प्राथमिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा का बयान सही तरीके से प्राप्त कर लें तो प्राथमिक शिक्षा का ज्ञान एवं माध्यमिक शिक्षा का ज्ञान उसके भविष्य में हमेशा उसका काम आने वाला होता है क्योंकि मैं देखता हूं की उच्चतर शिक्षा में विभिन्न प्रकार के विषय जो आज पढ़ाए जाते हैं वह प्राथमिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा केही विस्तार रूप होते हैं
समाज के विकास में जहां तक मेरी सोच है मैं अपने विचार में यह मानता हूं प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं उच्चतर शिक्षा का बहुत बड़ा योगदान है जैसे कि--------
1--प्राथमिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा हमारे जीवन में उस बुनियाद की तरह कार्य करते हैं जैसे कि मकान बनाते समय उसमें बुनियाद भरी जाती है जिस प्रकार मकान बनाते समय बुनियाद का मजबूत होना जरूरी है उसी प्रकार किसी विद्यार्थी में यदि उचित शिक्षा डालनी है तो उसके प्राथमिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा में सुधार लाना उनको सही शिक्षा प्राप्त हो सके इस दिशा में कार्य करना बहुत ही जरूरी है क्योंकि यदि बुनियाद मजबूत रहेगा तो पूरा मकान मजबूत होगा!
2--जहां तक उच्च शिक्षा एवं उच्चतर शिक्षा की बात है इन सभी में शिक्षा का जो क्षेत्र है वह भिन्न भिन्न हो जाता है शिक्षा के विभिन्न संकाय बन जाते हैं इनमें विद्यार्थी अपने व्यवसायिक एवं अपने रोजगार के लिए ऐसी शिक्षा का चयन करता है जिससे उसको व्यवसाय मिल सके या फिर अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का ज्ञान प्राप्त कर सके!
[7/26, 19:34] मनी चौहान जी शिवरीनारायण:
मेरा मानना यह भी है कि यदि विद्यार्थी अपनी प्राथमिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा का बयान सही तरीके से प्राप्त कर लें तो प्राथमिक शिक्षा का ज्ञान एवं माध्यमिक शिक्षा का ज्ञान उसके भविष्य में हमेशा उसका काम आने वाला होता है क्योंकि मैं देखता हूं की उच्चतर शिक्षा में विभिन्न प्रकार के विषय जो आज पढ़ाए जाते हैं वह प्राथमिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा केही विस्तार रूप होते हैं
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